अभी तो बूंद बन के गिरा हूँ
समय लगेगा दरिया बन जाने मे
शौख नही है दर्द को अपने दिल मे रखने का
पर मजा आता है दर्द को बेवकूफ बनाने मे
रुक जाता हूं कभी कभी ये सोच कर
क्या इतना समय लगा इस ख्याल को सोच बनाने मे
गलती करने की आदत नही है हमे
पर मजा ही कुछ और है अपने गलती से सिख जाने मे
किसके लिए संघर्ष करते है हम
जब सुकून मिलता मौत को गले लगाने मे
वो रातो को युही नहीं दिल दिया है
बस मजा आता ग़ुम हो जाने मे
---सूरज पांडेय
mastt😍
ReplyDelete❤😊
DeleteGreat..❣️
ReplyDelete❤😛thnk u
DeleteKya baat ek number👌
ReplyDeleteBus bhaiya aapka aashirwad hai
DeleteBohot khub
ReplyDeleteThnk u surbhi
Delete😊